मुंबई: मलाड Malwani Azmi Nagar के सेंट मैथ्यू हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज के छात्रों ने एक बार फिर स्कूल का नाम रोशन किया है। ‘ओपन डोर्स’ नामक संस्था द्वारा आयोजित ‘पिच फॉर पेरेंट्स’ (Pitch for Parents) प्रतियोगिता में स्कूल की छात्रा सिद्रा खान ने पहला स्थान हासिल कर 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार जीता है, वहीं काजल गुप्ता को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50,000 रुपये मिले हैं।
क्या थी यह प्रतियोगिता?
स्कूल की प्रिंसिपल लार्जी वर्गीस (Larzy Varghese) ने बताया कि यह प्रतियोगिता बच्चों को उनके माता-पिता के व्यवसाय (Business) से जोड़ने और उन्हें भविष्य के लिए उद्यमी (Entrepreneur) बनाने के उद्देश्य से रखी गई थी। इस प्रतियोगिता में 20 से ज्यादा स्कूलों के लगभग 100 छात्रों ने हिस्सा लिया था।
प्रिंसिपल मैडम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह बच्चों के लिए एक बहुत बड़ा अवसर था। कई राउंड के टेस्ट, इंटरव्यू और प्रेजेंटेशन के बाद हमारे स्कूल की दो बच्चियों ने फाइनल जीतकर स्कूल का गौरव बढ़ाया है।”
सिद्रा खान: पापा के कारखाने को बनाएंगी ग्लोबल ब्रांड
प्रथम पुरस्कार विजेता सिद्रा खान ने अपने पिता के टी-शर्ट और ट्राउजर बनाने वाले कारखाने पर अपनी प्रेजेंटेशन दी थी। सिद्रा ने बताया कि उन्होंने जजों को विस्तार से समझाया कि माल कहाँ से आता है, कैसे कटिंग और पैकिंग होती है और कहाँ बेचा जाता है। जब जजों ने पूछा कि वह इस इनामी राशि का क्या करेंगी, तो सिद्रा ने आत्मविश्वास के साथ कहा, “मैं अपना खुद का ब्रांड शुरू करूँगी जो पूरी दुनिया में फेमस होगा। मैं चाहती हूँ कि लोग जानें कि मलाड वेस्ट के आजमी नगर से निकली एक लड़की अपने स्कूल और टीचर्स की मदद से यहाँ तक पहुँची है।”
काजल गुप्ता: फुटपाथ की दुकान को शोरूम बनाने का सपना
द्वितीय पुरस्कार जीतने वाली काजल गुप्ता के पिता सब्जी बेचने का काम करते हैं। काजल ने बहुत ही सादगी और गर्व के साथ अपने पिता के काम को प्रजेंट किया। काजल ने कहा, “मेरे पापा अभी फुटपाथ पर दुकान लगाते हैं। इस इनामी राशि से मैं उसे एक छोटी दुकान (Shop) में बदलूँगी और वर्कर्स रखकर इस काम को और आगे बढ़ाऊँगी।” काजल ने दूसरे बच्चों को भी प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हार से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि हार भी हमें अपनी कमियों को सुधारने का मौका देती है।
स्कूल में खुशी का माहौल
प्रिंसिपल लार्जी वर्गीस और स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों की इस सफलता पर उन्हें बधाई दी है। यह जीत न केवल इन बच्चों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अगर बच्चों को सही मार्गदर्शन मिले, तो वे अपने पारिवारिक व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।


