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बीएमसी बजट सत्र: मालवणी की नगरसेविका कमरजहां सिद्दीकी ने बुनियादी सुविधाओं और महिलाओं के हक के लिए उठाई आवाज

मुंबई: मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के 80 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट सत्र के दौरान, मालवणी से कांग्रेस नगरसेविका कमरजहां सिद्दीकी ने जनता की समस्याओं को पुरजोर तरीके से सदन के सामने रखा। उन्होंने सड़कों की खराब हालत, पानी की किल्लत, अस्पतालों की बदहाली और स्कूली बच्चों के खान-पान जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रशासन को घेरा।

सड़कों की खराब गुणवत्ता पर उठाए सवाल

कमरजहां सिद्दीकी ने सड़कों के लिए आवंटित 1200 करोड़ रुपये के बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों खर्च करने के बावजूद सड़कें एक साल भी नहीं टिकतीं। उन्होंने कहा:

“सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं और काम की गुणवत्ता इतनी खराब है कि रात में सड़क बनती है और सुबह उसमें दरारें आ जाती हैं। अधिकारियों को मौके पर जाकर देखना चाहिए कि ठेकेदार सही से काम कर रहे हैं या नहीं।”

उन्होंने मालवणी की ट्रैफिक समस्या और ‘अल्टरनेट रोड’ (वैकल्पिक सड़क) की मांग को भी दोहराया, ताकि जनता को जाम से राहत मिल सके।

पानी का समय बदला: महिलाओं को मिली राहत

वार्ड की महिलाओं की तकलीफ को समझते हुए, नगरसेविका ने पानी आने के समय में बदलाव करवाया है। पहले रात 12 बजे के बाद पानी आता था, जिससे महिलाओं की सेहत और नींद पर बुरा असर पड़ता था। अब उन्होंने अधिकारियों से फॉलो-अप लेकर इसे दोपहर 12:00 से 1:30 बजे के बीच करवाया है, ताकि घर के कामकाज में आसानी हो सके।

अस्पतालों की बदहाली और मैटरनिटी होम की मांग

नगरसेविका ने स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उनकी बहू को भी म्युनिसिपल अस्पताल (नायर हॉस्पिटल) में इलाज के दौरान काफी भागदौड़ करनी पड़ी। उन्होंने मांग की कि:

  • मालवणी में बन रहे मैटरनिटी हॉस्पिटल को जल्द से जल्द उपकरणों और डॉक्टरों के साथ शुरू किया जाए।
  • गरीब महिलाओं को निजी अस्पतालों के भारी खर्च से बचाने के लिए बीएमसी अस्पतालों में सभी दवाएं और टेस्ट (MRI आदि) मुफ्त और उपलब्ध होने चाहिए।
  • उन्होंने एक अनोखी मांग भी रखी कि महिलाओं का पोस्टमार्टम केवल महिला डॉक्टर ही करें, ताकि उनकी गरिमा बनी रहे।

बच्चों के ‘मिड-डे मील’ पर नाराजगी

सरकारी स्कूलों में मिलने वाले खाने पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल हल्दी वाला पीला चावल दिया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि अगर बीएमसी 200 करोड़ रुपये प्रोटीन बार पर खर्च कर सकती है, तो बच्चों को दाल, घी और अच्छा पौष्टिक भोजन (जैसे शीरा या पूरन पोली) क्यों नहीं दे सकती?

अन्य प्रमुख मांगें:

  • पैटर्निटी लीव (Paternity Leave): केंद्र सरकार की तर्ज पर बीएमसी कर्मचारियों को भी पिता बनने पर 14 दिन की छुट्टी मिलनी चाहिए ताकि वे अपनी पत्नी और नवजात बच्चे की देखभाल कर सकें।
  • मैदान और गार्डन: हिमगिरी बिल्डिंग के सामने वाले मैदान को प्लेग्राउंड के रूप में विकसित करने और वहां अवैध कब्जा रोकने के लिए वार्ड ऑफिसर को निर्देश दिए गए हैं।
  • ट्रांसफर पॉलिसी: 122 अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और उसे डिजिटल करने की मांग की गई।

कमरजहां सिद्दीकी ने आश्वासन दिया कि वे विधायक असलम शेख और हैदर अली के मार्गदर्शन में मालवणी के विकास के लिए लगातार प्रयास करती रहेंगी।


मुख्य बिंदु एक नज़र में:

विभागप्रमुख मुद्दा
सड़क1200 करोड़ का बजट, पर गुणवत्ता खराब; वैकल्पिक मार्ग की जरूरत।
पानीरात के बजाय दोपहर में पानी की सप्लाई शुरू की गई।
शिक्षामिड-डे मील में सुधार और स्कूलों में सही बेंच की मांग।
स्वास्थ्यबंद पड़े मैटरनिटी अस्पताल को तुरंत शुरू करने और मुफ्त दवाओं की मांग।
महिला सुरक्षानेशनल पार्क में दुर्व्यवहार के खिलाफ कमिश्नर को पत्र।

News Desk

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