मुंबई, 7 अप्रैल 2026:
कल, यानी 8 अप्रैल को मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों का बड़ा विरोध प्रदर्शन होने वाला है। नए ‘वेलफेयर बोर्ड’ की फीस के खिलाफ ड्राइवर नाराज हैं, जिसका सीधा असर कल आपकी भागदौड़ पर पड़ सकता है। दरअसल, सरकार ने ऑटो ड्राइवरों के लिए एक नया नियम निकाला है, जिसमें उन्हें ₹800 फीस (₹500 रजिस्ट्रेशन + ₹300 सालाना) भरनी होगी। यूनियन का कहना है कि यह फीस बहुत ज्यादा है और इसे ‘जबरन वसूली’ बताया जा रहा है। ड्राइवरों का आरोप है कि जब तक वे यह पैसे नहीं भरते, RTO उनके रिक्शे का पासिंग (फिटनेस सर्टिफिकेट) नहीं कर रहा है। सबसे बड़ा जमावड़ा अंधेरी RTO के बाहर होने की उम्मीद है। इसके अलावा बांद्रा, बोरीवली, कुर्ला और ठाणे जैसे इलाकों में ऑटो की भारी किल्लत हो सकती है।
आम जनता को क्या दिक्कत होगी?
- ऑटो मिलना मुश्किल: स्टेशनों और स्टैंड्स पर रिक्शे कम दिखेंगे।
- भागमभाग: ऑफिस या कॉलेज जाने वालों को काफी परेशानी हो सकती है।
- शेयरिंग की समस्या: शेयरिंग ऑटो वाले भी इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।
यात्रियों के लिए कुछ जरूरी टिप्स:
जल्दी निकलें: अगर कल कहीं जरूरी जाना है, तो हाथ में थोड़ा एक्स्ट्रा समय लेकर चलें।
दूसरे ऑप्शन देखें: कल के लिए बेस्ट होगा कि आप बेस्ट (BEST) बस, मेट्रो या लोकल ट्रेन का ज्यादा इस्तेमाल करें।
ऐप का सहारा: ऊबर या ओला जैसी कैब पहले से बुक करने की कोशिश करें।
सिर्फ मुंबई ही नहीं, पूरे महाराष्ट्र के करीब 15 लाख ऑटो ड्राइवर इस मुद्दे से जुड़े हैं। यूनियन लीडर शशांक राव का कहना है कि सरकार इस तरह से ड्राइवरों से करोड़ों रुपये जमा कर रही है, जिसका हिसाब साफ नहीं है। कल का दिन मुंबईकरों के लिए थोड़ा भारी हो सकता है। कोशिश करें कि अपनी यात्रा की प्लानिंग आज ही कर लें ताकि कल ऐन मौके पर परेशानी न हो।
लेखक: रियाज अहमद



