मुंबई के ऐतिहासिक अंजुमन-ए-इस्लाम ग्राउंड, सीएसटी में 31 मई 2026 को जज़्बा भारत अवॉर्ड्स 2026 (सीज़न 1) का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था “दृष्टि का सम्मान, प्रभाव का उत्सव, जीवन को सशक्त बनाना और बेहतर कल का निर्माण करना।”
इस विशेष आयोजन में समाजसेवी, खेल जगत की हस्तियां, उद्योगपति, शिक्षाविद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण व्हीलचेयर क्रिकेट खिलाड़ियों और दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, प्रतिभा और उपलब्धियों का सम्मान था।
कार्यक्रम की आयोजक एवं तमन्ना चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक तमन्ना शेख ने कहा,“जज़्बा भारत अवॉर्ड्स 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लोगों के हौसले, संघर्ष और उपलब्धियों का सम्मान है जिन्होंने हर चुनौती को अपनी ताकत बनाया है। मेरा सपना था कि समाज के ऐसे प्रेरणादायक लोगों को एक ऐसा मंच मिले जहां उनकी प्रतिभा और जज़्बे को पहचान मिले। आज इतने सम्मानित मेहमानों, खिलाड़ियों और समाजसेवियों का साथ मिलना मेरे लिए गर्व और भावुकता का पल है। हम चाहते हैं कि यह पहल पूरे भारत में एक प्रेरणा बने और हर दिव्यांग एवं विशेष प्रतिभा वाले व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले। हमारा उद्देश्य है — ‘Honouring Vision, Celebrating Impact, Empowering Lives, Building a Better Tomorrow.’“
अंजुमन-ए-इस्लाम ग्राउंड का ऐतिहासिक महत्व भी इस अवसर पर उल्लेखित किया गया। बताया गया कि इस मैदान से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी उभरे हैं, जिनमें भारतीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान व्हीलचेयर क्रिकेट खिलाड़ियों, महिला खिलाड़ियों, कोचों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने समाज से अपील की कि दिव्यांगजन को समान अवसर देकर उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
जज़्बा भारत अवॉर्ड्स 2026 ने यह संदेश दिया कि शारीरिक सीमाएं किसी व्यक्ति की सफलता में बाधा नहीं बन सकतीं। आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच के बल पर हर व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।
कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, आयोजकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। यह आयोजन समाज में समावेशिता, प्रेरणा और मानवता का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।


