मुंबई: आज के समय में लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। खासकर बड़े शहरों में ऑर्गेनिक यानी बिना केमिकल के उगाए गए फलों और सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में एक कार्यक्रम में एक प्रसिद्ध पहलवान ने ऑर्गेनिक भोजन के महत्व पर खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि क्यों प्राकृतिक और शुद्ध भोजन आज की जरूरत बन गया है।
पहलवान ने बताया कि उनका रिश्ता खेती और गांव से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि वह खुद खेतों में काम कर चुके हैं और हल भी चला चुके हैं। उनके अनुसार भारत में आज भी बड़ी आबादी रोज की रोटी के लिए संघर्ष करती है, इसलिए आम लोगों के लिए सबसे अच्छा भोजन वही है जो घर में साधारण तरीके से बनाया जाता है।
उन्होंने कहा, “अगर सही पोषण चाहिए तो घर का बना खाना सबसे बेहतर होता है। दाल, रोटी, चावल और मौसमी फल-सब्जियां शरीर के लिए काफी होते हैं।”
खाने में मिलावट बड़ी समस्या
पहलवान ने चिंता जताते हुए कहा कि आजकल खाने में मिलावट एक बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने बताया कि दूध, सब्जियों और फलों में भी कई जगह मिलावट की जाती है।
उन्होंने कहा, “आज हम जो दूध पीते हैं, उसमें भी मिलावट हो सकती है। सब्जियों में रंग डाला जाता है और कई फलों में केमिकल का इस्तेमाल होता है। इसलिए लोगों को शुद्ध और भरोसेमंद खाने की जरूरत है।”
किसान और तकनीक का नया मेल
इस कार्यक्रम में किसान-उद्यमी शैलेश ने अपने ऑर्गेनिक फार्म के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके फार्म में अलग-अलग प्रकार के फल उगाए जाते हैं जैसे आम, केला, अमरूद और नारियल पानी। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक के साथ खेती करने से बेहतर गुणवत्ता के फल पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने एक खास किस्म के केले के बारे में बताया जिसे “सोनेरी केला” कहा जाता है। उनके अनुसार यह केला स्वाद में हल्का मीठा-खट्टा होता है और सामान्य केले से ज्यादा ताकत देता है।
पहलवानों की पसंद: केला और दूध
पहलवान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अखाड़ों में पहलवानों की डाइट में केला और दूध बहुत महत्वपूर्ण होते थे। उनका कहना है कि केला पाचन के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है।
उन्होंने कहा, “पहले अखाड़ों में जब भी फलों की बात होती थी तो सबसे पहले केला ही आता था। केला और दूध मिलकर शरीर को पूरी ऊर्जा देते हैं।”
स्वस्थ रहने का सरल मंत्र
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने लोगों को सलाह दी कि स्वस्थ रहने के लिए बहुत महंगे भोजन की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि खुशी से खाई गई साधारण रोटी और प्याज भी शरीर के लिए फायदेमंद हो सकती है।
उनका मानना है कि अच्छा खाना, कम तनाव और सक्रिय जीवनशैली इंसान को लंबे समय तक स्वस्थ और जवान बनाए रख सकती है।


