हमारा मुंबई न्यूज विशेष (संवाददाता: रियाज अहमद, एडिटर-इन-चीफ)
आज मुंबई के चिकित्सा जगत के एक चमकते सितारे डॉ. सुनील अग्रवाल का जन्मदिन है। यह अवसर केवल एक व्यक्ति के जन्म का उत्सव नहीं है, बल्कि उस समर्पण का उत्सव है जिसने पिछले ढाई दशकों में न जाने कितने परिवारों को उजड़ने से बचाया है।
एक व्यक्तिगत अनुभव: जब ‘संजीवनी’ बनी जीवन का आधार
मेरी और डॉ. सुनील अग्रवाल की पहली मुलाकात लगभग 15 वर्ष पहले हुई थी। वह एक कठिन समय था—मैं पथरी (Stone) के दर्द से बेहाल था और ऑपरेशन के लिए एक अस्पताल में भर्ती था। तभी मेरे पुराने मित्र और वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल जी से बात हुई। उन्होंने जो भरोसा दिया, वह आज भी याद है: “चिंता मत करो, मेरा छोटा भाई सुनील सब संभाल लेगा।” तब से लेकर आज तक, चाहे मेरी माताजी के ब्रेस्ट कैंसर का सफल इलाज हो या परिवार की कोई भी मेडिकल जरूरत, डॉ. सुनील, डॉ. श्याम और डॉ. आरती अग्रवाल का सहयोग एक परिवार के सदस्य की तरह बना रहा।
शून्य से शिखर तक: 80 वर्ग फुट का वह छोटा सा कमरा

टाटा मेमोरियल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षित डॉ. सुनील अग्रवाल ने अपनी यात्रा बहुत सीमित संसाधनों से शुरू की थी:
- 1997-1999: मलाड में केवल 9 बेड और 80 वर्ग फुट के छोटे से कमरे से ‘संजीवनी’ की शुरुआत हुई।
- परिश्रम का फल: 2001 में 21 बेड, फिर 25 और आज 120 बेड वाला विशाल मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल।
- उपलब्धि: डॉ. अग्रवाल अब तक 20,000 से अधिक सफल सर्जरी (विशेषकर कैंसर और लैप्रोस्कोपिक) कर चुके हैं।
“हमें पिताजी और भाई ने सिखाया था कि पैसे के पीछे नहीं भागना है, बस मरीज ठीक होकर खुशी-खुशी घर जाए।” — डॉ. सुनील अग्रवाल
भविष्य का विजन: रोबोटिक सर्जरी हर किसी के लिए
डॉ. अग्रवाल का मिशन केवल इलाज करना नहीं, बल्कि उसे किफायती बनाना भी है। वे आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी को संजीवनी हॉस्पिटल में लाना चाहते हैं, ताकि मध्यम वर्ग के मरीजों को भी वह तकनीक मिल सके जो आज केवल बड़े कॉरपोरेट अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च करने पर मिलती है।
कैंसर मुक्त समाज का सपना
एक कैंसर सर्जन के रूप में वे केवल ऑपरेशन थिएटर तक सीमित नहीं हैं। पिछले 25 वर्षों से वे स्कूल, कॉलेजों और कैंपों के माध्यम से लोगों को ऑर्गेनिक भोजन अपनाने और प्लास्टिक से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं।
जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं
आज उनके जन्मदिन पर मेरे (रियाज अहमद) जैसे लाखों लोग, जिनके जीवन में डॉ. सुनील ने खुशियां लौटाई हैं, उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं। संजीवनी हॉस्पिटल केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि डॉ. सुनील अग्रवाल के सेवा भाव और उनके परिवार (डॉ. श्याम अग्रवाल, डॉ. राजेश विनियाला) की एकजुटता का प्रतीक है।
डॉ. सुनील अग्रवाल को जन्मदिन की बहुत-बहुत मुबारकबाद!



