मुंबई/नई दिल्ली: नए साल की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाज़ार (Bullion Market) में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। पिछले कुछ समय से आसमान छू रहे सोने और चांदी की कीमतों में अब जबरदस्त गिरावट आई है। जहां चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 50% तक टूट चुकी है, वहीं सोने की कीमतों में भी 25% तक की कमी देखी गई है।
आम निवेशकों और शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करने वालों के मन में अब एक ही सवाल है—आखिर यह गिरावट क्यों हो रही है और क्या भाव और नीचे जाएंगे?
क्यों फीकी पड़ रही है सोने-चांदी की चमक?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कोई एक कारण नहीं बल्कि कई वैश्विक (Global) और घरेलू कारण एक साथ काम कर रहे हैं:
- मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले दो-तीन सालों से सोने और चांदी में लगातार तेजी बनी हुई थी। अब बड़े फंड हाउस और निवेशक अपना मुनाफा निकाल रहे हैं (Profit Booking), जिसकी वजह से कीमतों पर दबाव बना है।
- डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अमेरिकी डॉलर की स्थिति मजबूत हुई है। नियम यह है कि जब भी डॉलर मजबूत होता है, सोने की मांग और कीमत अक्सर कम हो जाती है।
- एक्सचेंज मार्जिन में बढ़ोतरी: ट्रेडिंग एक्सचेंज पर मार्जिन बढ़ जाने के कारण सट्टेबाजी करने वाले ट्रेडर्स बाज़ार से बाहर निकल गए हैं। लिक्विडिटी कम होने से कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।
- युद्ध और अनिश्चितता: मध्य-पूर्व (West Asia) में चल रहे तनाव के बावजूद, अमेरिका की तरफ से आए कुछ रक्षात्मक बयानों ने निवेशकों के डर को थोड़ा कम किया है, जिससे सोने जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ से पैसा निकलकर अन्य जगहों पर जा रहा है।
मुंबई और बड़े शहरों में क्या हैं ताज़ा भाव?
आज के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई के ज़वेरी बाज़ार और अन्य प्रमुख केंद्रों पर सोने (24 कैरेट) का भाव ₹1,40,000 से ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के बीच बना हुआ है। वहीं चांदी अब ₹2,30,000 प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रही है।
बता दें कि कुछ समय पहले तक चांदी के ₹4 लाख और सोने के ₹2 लाख तक पहुँचने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन मौजूदा स्थिति ने इन कयासों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
विशेषज्ञों की राय: कहाँ तक गिर सकते हैं दाम?
बाज़ार के जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ महीनों तक बाज़ार में ‘टाइम करेक्शन’ (Time Correction) जारी रहेगा।
- सोना (Gold): रुपया कमजोर होने के कारण सोने के ₹1 लाख से नीचे जाने की संभावना कम है, लेकिन यह ₹1,15,000 से ₹1,20,000 के स्तर तक जा सकता है।
- चांदी (Silver): चांदी में गिरावट ज्यादा गहरी देखी जा रही है और यह ₹1,75,000 के स्तर को छू सकती है।
निवेशकों और ग्राहकों के लिए सलाह
अगर आपने ऊंचे भाव पर निवेश किया है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी कभी ‘जीरो’ नहीं होते।
- शादी की खरीदारी: यदि घर में कोई मांगलिक कार्य है, तो मौजूदा गिरावट खरीदारी का एक अच्छा अवसर है।
- नए निवेशक: एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय धीरे-धीरे (SIP के रूप में) खरीदारी करें। जून 2026 के बाद बाज़ार में फिर से स्थिरता और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष: बाज़ार में अभी अनिश्चितता बनी हुई है। कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय ज़रूर लें।



