मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें छत्रपति संभाजीनगर के गैलेक्सी हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी हालत
3 सितंबर 2025 को यह खबर सामने आई कि मुंबई के आज़ाद मैदान में 5 दिन तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई।
मंगलवार देर रात उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
आंदोलन उस समय खत्म हुआ जब महाराष्ट्र सरकार ने उनकी 8 में से 6 मांगें मान लीं। इसके बाद मनोज जरांगे ने अपना उपवास तोड़ा।
डॉक्टरों की रिपोर्ट
लंबे उपवास के चलते:
- उनका ब्लड शुगर लेवल बहुत कम हो गया,
- ब्लड प्रेशर बढ़ गया,
- और उन्हें काफी कमजोरी महसूस होने लगी।
डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें कम से कम 15 दिन का पूरा आराम और अस्पताल में देखभाल ज़रूरी है।



