कल्याण | रविवार, 18 जनवरी 2026
हाजी मलंग पहाड़ पर आज से फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा की शुरुआत हो गई है। इस ट्रेन के शुरू होने से हाजी मलंग दरगाह जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें पहाड़ पर चढ़ने के लिए दो से तीन घंटे की कठिन चढ़ाई और करीब 1500 सीढ़ियां नहीं चढ़नी पड़ेंगी।
आज रविवार को ट्रेन सेवा की शुरुआत होते ही श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल देखा गया। खासदार श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व और लगातार प्रयासों के बाद यह परियोजना आखिरकार पूरी हो सकी। लंबे समय से अटके इस प्रोजेक्ट को राज्य लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा पूरा किया गया है।
यह फ्युनिक्युलर ट्रेन करीब 1 किलोमीटर लंबी है और 320 मीटर की खड़ी चढ़ाई को आसान बनाती है। हाजी मलंग गढ़ समुद्र तल से करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। अब यह सफर सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है।
फरवरी महीने में हाजी मलंग पहाड़ पर उरुस का आयोजन होने वाला है।
- 24, 25 और 26 फरवरी को सैयद अब्दुल रहमान शाह का उरुस होगा।
- 27 और 28 फरवरी को मीर सकी सुल्तान का उरुस मनाया जाएगा।
उरुस के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है, इसलिए उन दिनों ट्रेन सेवा में दोनों दिशाओं में दो-दो कोच चलाए जाएंगे। सामान्य दिनों में एक-एक कोच चलेगा। ट्रेन सेवा रोजाना करीब 12 घंटे संचालित की जाएगी।
हाजी मलंग दरगाह एक ऐतिहासिक सूफी स्थल है, जो हजरत बाबा अब्दुर रहमान मलंग को समर्पित है। यह जगह आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जानी जाती है। यहां परंपरागत रूप से हिंदू वहिवटदार (करांडेकर परिवार) और मुस्लिम मुतवल्ली मिलकर रस्में अदा करते हैं।

मलंगगढ़ पहाड़ तीन हिस्सों में बंटा है—
- पीर माची, जहां मुख्य दरगाह स्थित है
- सोने माची, ऊपरी चट्टानी भाग
- बालेकिल्ला, पहाड़ की चोटी
फ्युनिक्युलर ट्रेन के शुरू होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए दरगाह तक पहुंचना अब बहुत आसान हो गया है। श्रद्धालुओं ने इस सुविधा के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया है।



