मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 17,000 करोड़ रुपये की सड़क कंक्रीट परियोजना में नगर पार्षदों की भूमिका बढ़ाने की मांग की है। इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत मुंबई की सड़कों को मजबूत और गड्ढा-मुक्त बनाने के लिए कंक्रीट की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।
बीएमसी का मानना है कि पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याओं और जरूरतों को बेहतर तरीके से जानते हैं। इसलिए उन्हें योजना बनाने, काम की निगरानी करने और जनता से सुझाव लेने में ज्यादा अधिकार दिए जाने चाहिए।
अधिकारियों के अनुसार, पार्षदों की भागीदारी बढ़ने से काम में पारदर्शिता आएगी और सड़कों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। साथ ही, स्थानीय लोगों की शिकायतों का समाधान भी जल्दी हो सकेगा।
यह परियोजना मुंबई की सड़कों को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। बीएमसी का कहना है कि अगर पार्षदों को अधिक जिम्मेदारी दी जाती है, तो परियोजना को समय पर और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकेगा।



