महाराष्ट्र में आगामी मुंबई महानगरपालिका (BMC) और अन्य नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार और महायुति (शिवसेना-बीजेपी-NCP) केवल विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ रही है।
मुंबई का अगला महापौर कौन?
हाल ही में एक चर्चा के दौरान शिंदे जी ने आत्मविश्वास से कहा कि मुंबई की जनता पिछले तीन वर्षों में हुए बदलावों को देख रही है। उन्होंने जोर देकर कहा:
- मुंबई में महायुति को भारी बहुमत मिलेगा।
- मुंबई का अगला महापौर महायुति का ही होगा।
- वह महापौर मराठी होगा, इसमें कोई संदेह नहीं है।
भावनात्मक मुद्दों से ऊपर है विकास
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन और मराठी अस्मिता के सवाल पर शिंदे जी ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि क्या महायुति में मराठी लोग नहीं हैं? उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता अब केवल भावनात्मक नारों या जातिवाद के आधार पर वोट नहीं देगी।
“हम सत्ता या कुर्सी की भूख के लिए इकट्ठा नहीं हुए हैं। कुछ लोग अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए इमोशनल कार्ड खेल रहे हैं, लेकिन जनता अब गुमराह नहीं होगी।”
मुंबई और मराठी मानुष का अधिकार
मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक सूरज-चांद हैं, मुंबई महाराष्ट्र का हिस्सा रहेगी। उन्होंने पिछली सत्ताओं पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर क्यों मुंबई का आम नागरिक दूर-दराज के इलाकों (जैसे बदलापुर, विरार) में रहने को मजबूर हुआ?
उनकी सरकार का लक्ष्य मुंबईकर को वापस मुंबई में बसाना और उन्हें किफायती घर व बेहतर सुविधाएं देना है।
सपनों की मुंबई: ग्लोबल हब और भ्रष्टाचार मुक्त
एकनाथ शिंदे ने अपना विजन साझा करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य किसी पार्टी को खत्म करना नहीं, बल्कि मुंबई को बदलना है:
- ग्लोबल फाइनेंशियल हब: पीएम मोदी के सपने के अनुरूप मुंबई को आर्थिक राजधानी के रूप में और मजबूत करना।
- बुनियादी सुविधाएं: ट्रैफिक मुक्त, प्रदूषण मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन।
- सबके लिए आवास: मिल वर्करों, डब्बावालों और मध्यम वर्ग के लिए हाउसिंग पॉलिसी के जरिए घर उपलब्ध कराना।
निष्कर्ष
शिंदे जी ने याद दिलाया कि मुंबई 106 हुतात्माओं के बलिदान से बनी है और मराठी मानुष का सम्मान सबसे ऊपर है। उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले चुनावों में जनता विकास कार्यों पर मुहर लगाएगी और महायुति की जीत सुनिश्चित करेगी।


