मुंबई में बुधवार को बीजेपी की नेता रीता तावड़े को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की 78वीं मेयर के रूप में शपथ दिलाई गई। उन्हें बिना किसी विरोध के निर्विरोध चुना गया। शिवसेना (यूबीटी) ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे उनका चुनाव औपचारिकता बन गया।
रीता तावड़े पिछले 40 वर्षों में मुंबई की पहली महिला बीजेपी मेयर बनी हैं। इसे शहर की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। करीब 25 साल तक मेयर पद पर शिवसेना का दबदबा रहा था, लेकिन अब बीजेपी की वापसी हुई है।
अपने पहले संबोधन में मेयर रीता तावड़े ने जनता-केंद्रित और पारदर्शी प्रशासन का वादा किया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता शहर की सफाई, सुरक्षा, महिलाओं को सशक्त बनाना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम में डिजिटल और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित प्रशासन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि कामकाज तेज और पारदर्शी हो सके।
बीएमसी के 227 सदस्यों वाले सदन में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उसके सहयोगी एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। इस तरह महायुति गठबंधन के पास कुल 118 सीटें हो गईं, जो नेतृत्व पदों के लिए पर्याप्त हैं। शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिलीं, जबकि मनसे, कांग्रेस, एआईएमआईएम और अन्य दलों को बाकी सीटें मिलीं।
2025–26 के लिए करीब 74,450 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट के साथ बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निगम मानी जाती है। ऐसे में इसके नेतृत्व पर नियंत्रण राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है।
वहीं, शिवसेना के संजय घाड़ी को उप-मेयर चुना गया है। उन्होंने कहा कि वह मेयर के साथ मिलकर मुंबई के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए काम करेंगे।
नई मेयर और उप-मेयर के सामने अब शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और विकास कार्यों को गति देना बड़ी जिम्मेदारी होगी। मुंबई की जनता को नए नेतृत्व से काफी उम्मीदें हैं।


