एक यादगार शादी का जश्न: शेख साहब की साहबज़ादी का निकाह और आलीशान रिसेप्शन
हल्दी और रूहानी शाम (29 जनवरी 2026): शेख साहब की साहबज़ादी की शादी की खुशियों का आगाज़ 29 जनवरी की शाम एक शानदार ‘कार्निवल हल्दी’ के साथ हुआ। इस शाम को और भी खुशनुमा बनाया ‘सजदा ब्रदर्स’ की रूहानी आवाज़ ने। उनकी पेश की हुई “अमन वाली” और “अयान वाली कव्वाली” ने महफ़िल में समां बांध दिया। पूरी शाम सूफी संगीत और दुआओं के साये में गुज़री।
सादा और पाक निकाह (30 जनवरी 2026): अगले दिन, 30 जनवरी को सोलापुर के मशहूर दावत-उल-ईमान मरकज़ मस्जिद में निकाह की रस्म बेहद सादगी और एहतराम के साथ अदा की गई। शहर के काज़ी साहब ने खुतबा-ए-निकाह पढ़ा और दूल्हा-दुल्हन के बीच ‘ईजाब-ओ-कबूल’ कराया। दोनों खानदानों के बुज़ुर्गों और अज़ीज़ों की मौजूदगी में इस पाक रिश्ते की शुरुआत हुई। निकाह के बाद मस्जिद के इमाम साहब ने नए जोड़े की खुशहाल ज़िंदगी के लिए दुआ फरमाई।
शानदार रिसेप्शन और शाही महफ़िल: निकाह के बाद सोलापुर के ‘पुष्पस्नेह लॉन’ में एक आलीशान रिसेप्शन का एहतमाम किया गया। यह प्रोग्राम साल की सबसे चर्चित महफ़िलों में से एक रहा। शेख खानदान, जो अपने व्यापारिक और सामाजिक रुतबे के लिए जाना जाता है, उनकी नफासत इस जश्न में साफ़ झलक रही थी। ‘दानिश इवेंट्स’ द्वारा सजाया गया यह वसीअ (विशाल) मैदान फूलों और रोशनी से जगमगा रहा था। मेहमानों की यादों को संजोने की ज़िम्मेदारी ‘SK Stories’ ने बखूबी निभाई।
खास मेहमाननवाज़ी और रिवायतें: रिसेप्शन की सबसे खास बात मुंबई की मशहूर ‘तलहा कैटरिंग सर्विस’ की बेमिसाल खिदमत रही। हॉल में दाखिल होते ही अरबी लिबास में मौजूद शख्स ने मेहमानों को खजूर, शहद, मलाई और आब-ए-ज़मज़म पेश किया। साथ ही इत्र की खुशबू से महफ़िल को महका कर सबका दिल जीत लिया। लेडीज़ और जेंट्स के लिए अलग-अलग सेक्शन और बेहतरीन स्टाफ का इंतज़ाम था, जहाँ शाहीन और तमन्ना जैसी मैनेजर्स ने अपनी सर्विस से सबको मुतासिर किया।
ज़ायक़े का सफर: मेज़बान की नवाज़िश और लज़ीज़ पकवान
मेहमानों का इस्तकबाल गरमा-गरम चिकन मनचाऊ सूप, खस्ता वॉफल और रिफ्रेशिंग जूस (अमरूद क्रीम, जामुन शॉट और ब्लू कुराकाओ) के साथ किया गया। इसके बाद खाने की मेज़ पर ज़ायकों का एक हसीन सैलाब उमड़ पड़ा:
- स्टार्टर्स (शुरुआत): ज़बान का लुत्फ बढ़ाने के लिए फिश पैप्रिका, कुरकुरा प्रॉन टेम्पूरा, मुँह में घुल जाने वाला चीज़ बर्स्ट कबाब और मसालों से भरपूर तुर्किश टिक्का पेश किया गया।
- मेन कोर्स (खास खाना): असल दावत की रूह रही पुरानी दिल्ली की मशहूर मटन निहारी, लजीज़ चिकन कोरमा और खुशबुओं से महकती मटन दम बिरयानी, जिसे देख कर ही भूख बढ़ जाए।
- रोटी और पराठे: इन सालनों का मज़ा दोगुना करने के लिए भट्टी की ताज़ा तंदूरी रोटी (मक्खन वाली) और परतों वाला खस्ता मलबारी लच्छा पराठा परोसा गया।
- मीठा (डेज़र्ट): दावत का शानदार इख्तेताम (अंत) ताज़ा स्ट्रॉबेरी क्रीम के साथ हुआ, जिसके मीठे स्वाद ने हर किसी को अपना दीवाना बना लिया।
फैमिली टेबल पर खासतौर पर मटन कबाब और सुरमई फिश भी पेश की गई। दूल्हा-दुल्हन की शानदार एंट्री और इस बेहतरीन मेहमाननवाज़ी ने इस शादी को सोलापुर की एक यादगार दावत बना दिया।
सोलापुर के पुष्पस्नेह लॉवन में आयोजित शेख फैमिली के विवाह समारोह में मुंबई की मशहूर Talha’s Catering ने अपनी बेहतरीन सेवाओं से एक नया रिकॉर्ड बनाया। “शहर कोई भी हो, क्वालिटी बेमिसाल रहेगी” के वादे को निभाते हुए टीम ने सोलापुर के लोगों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम की खास बातें:
- गर्मजोशी भरा स्वागत: कार्यक्रम स्थल पर पहुँचते ही शेख फैमिली (आयोजकों) ने Talha’s Catering की टीम का पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया, जिससे टीम का उत्साह बढ़ गया।
- स्वाद का जादू: मुंबई का मशहूर जायका सोलापुर के लोगों को खूब पसंद आया। हामिद भाई समेत कई मेहमानों ने खुद टीम से मिलकर खाने की जमकर तारीफ की।
- सर्विस का ‘200%’ मंत्र: Founder, Chef Talha Choudhary का मानना है कि सिर्फ खाना अच्छा होना काफी नहीं है। उनका विजन है— “अगर खाना 100% अच्छा है, तो सर्विस 200% होनी चाहिए।” अच्छी सर्विस खाने के अनुभव को और भी यादगार बना देती है।
- शानदार मैनेजमेंट: टीम की सही प्लानिंग का नतीजा था कि पहले टेबल से लेकर आखिरी टेबल तक हर मेहमान को गरमा-गरम खाना और स्टार्टर्स लगातार परोसे गए।
भीड़ और चुनौतियों का सटीक प्रबंधन
शादी-ब्याह में अक्सर मेहमानों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन Talha’s Catering इसके लिए हमेशा तैयार रहती है:
- खूबी: काम करने का तरीका
- भीड़ पर कंट्रोल: 1000 की जगह 1500 मेहमान आने पर भी सबको पूरे सम्मान के साथ खाना खिलाया जाता है।
- लगातार सर्विस: स्टार्टर्स से लेकर मुख्य भोजन तक, सर्विस की रफ्तार कभी कम नहीं होती।
इस मौके पर Talha’s Catering के Founder, Chef Talha Choudhary अपने अनुभव साझा करते हुए कहा,
“शोलापुर में काम करने का हमारा अनुभव बहुत ही अच्छा और यादगार रहा। यहां के लोगों का प्यार, अपनापन और सहयोग देखकर पूरी टीम बहुत खुश है। मुंबई सिटी के खाने का स्वाद शोलापुर के लोगों को काफी पसंद आया। हमारा मानना है कि मुंबई का खाना पूरे भारत में पसंद किया जाता है और शोलापुर में भी लोगों ने इसे दिल से अपनाया।”

भीड़ को संभालने के मामले में भी Talha’s Catering की व्यवस्था काबिले-तारीफ रही। इस बारे में तल्हा चौधरी ने बताया,
“हम बुकिंग के समय ही 25 प्रतिशत मेहमानों का अतिरिक्त बफर रखते हैं। कई बार 1000 मेहमानों की जगह 1400–1500 लोग भी आ जाते हैं, लेकिन हमारी पूरी कोशिश रहती है कि कोई भी मेहमान बिना खाना खाए न जाए।”
Talha’s Catering की एक खास पहचान उसका डेज़र्ट सेक्शन है, जहां ज़्यादातर सीज़नल क्रीमी डेज़र्ट टेबल पर सर्व किए जाते हैं। वहीं स्टार्टर्स में हर साल नए और यूनिक आइटम लॉन्च किए जाते हैं, जैसे मलेशियन चिकन कराची रोल, नवाबी रोल और टर्किश कबाब। नॉन-वेज मेन कोर्स में उनका ऑथेंटिक मटन कोरमा मेहमानों के बीच खासा लोकप्रिय रहा।
Talha’s Catering के बारे में:
Talha’s Catering मुंबई का एक बेहद मशहूर और मोतबर (प्रतिष्ठित) नाम है। चाहे आलीशान शादियाँ हों, शानदार पार्टियाँ, बॉलीवुड के जलवे हों या बड़े इवेंट्स, यह कंपनी अपने लाजवाब ज़ायके और आला दर्जे की खिदमत (सर्विस) के लिए जानी जाती है। इस कामयाबी के पीछे मशहूर शेफ तल्हा चौधरी की मेहनत और उनका हुनर है, जो हर दावत को यादगार बना देते हैं।
यह कंपनी अपनी बेहतरीन बिरयानी के लिए खास तौर पर जानी जाती है। लोग इन्हें “बिरयानी का महाराजा” भी कहते हैं। यहाँ की रान बिरयानी, लेबनानी बिरयानी, टिक्का बिरयानी और दम बिरयानी बहुत पसंद की जाती है।
Talha’s Catering हर तरह के मौके के लिए काम करती है, जैसे शादी, जन्मदिन और रमजान की इफ्तार पार्टी। इनकी टीम हर कार्यक्रम को खास बनाने की पूरी कोशिश करती है।
यहाँ सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि पूरी सर्विस मिलती है। इसमें वेटर, बर्तन और सुंदर लाइटिंग वाले फूड स्टॉल भी शामिल हैं।
यह कंपनी 2014 में शुरू हुई थी और आज अपने स्वाद और साफ-सफाई के लिए मशहूर है। इनका मकसद लोगों को सेहतमंद और स्वादिष्ट खाना खिलाना है।
शेफ तल्हा चौधरी का मानना है कि उनकी असली ताकत स्वाद है। वे ताजी और अच्छी चीजों से साधारण खाने को भी खास बना देते हैं।
मुंबई की यह टीम सिर्फ पेट नहीं भरती, बल्कि मेहमानों का दिल भी जीत लेती है। सोलापुर में मिली इनकी बड़ी कामयाबी इसका अच्छा उदाहरण है।


