मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने 15 जनवरी को होने वाले 29 नगर निगमों के चुनावों को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। सरकार ने साफ़ कहा है कि कर्मचारियों को वोट देने के लिए पेड छुट्टी देना नियोक्ताओं (एम्प्लॉयर्स) की ज़िम्मेदारी होगी। अगर कोई मालिक छुट्टी नहीं देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंडस्ट्रीज़ और लेबर डिपार्टमेंट की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि वोटिंग वाले दिन कर्मचारियों को पूरे दिन की पेड छुट्टी दी जाए। अगर किसी वजह से पूरे दिन की छुट्टी देना संभव नहीं है, तो कम से कम 2 से 3 घंटे की छुट्टी ज़रूर दी जानी चाहिए, ताकि कर्मचारी अपना वोट डाल सकें।
यह नियम खास तौर पर उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जो ज़रूरी सेवाओं या सेंसिटिव ड्यूटी पर काम कर रहे हैं, जहां पूरा काम बंद करना मुश्किल होता है। हालांकि सरकार ने यह भी साफ़ किया है कि काम का दबाव वोट देने के अधिकार को रोकने का कारण नहीं बन सकता।
सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी किसी नगर निगम क्षेत्र में वोटर है, लेकिन उसकी पोस्टिंग किसी और जगह है, तो उसे 15 जनवरी को वोट डालने के लिए पेड छुट्टी दी जानी चाहिए।
यह आदेश प्राइवेट सेक्टर पर भी लागू होगा। इसके तहत दुकानें, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, थिएटर, बिज़नेस जगहें और आईटी कंपनियां शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को वोटिंग में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करना और कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है।



