मुंबई का लालबागचा राजा गणेशोत्सव का सबसे प्रसिद्ध पंडाल माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहाँ आकर गणपति बप्पा का आशीर्वाद लेते हैं। इस बार भी पंडाल में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। सुबह से लेकर देर रात तक लोग दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े नज़र आते हैं।
लेकिन, इस बीच राज्य मानव अधिकार आयोग ने एक अहम मुद्दे पर ध्यान दिलाया है। आयोग का कहना है कि पंडाल में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से देखा जाए, खासकर वीआईपी दर्शन से जुड़ी समस्याओं को। कई भक्तों ने आरोप लगाया है कि साधारण श्रद्धालुओं को घंटों इंतज़ार करना पड़ता है, जबकि वीआईपी पास रखने वाले सीधे अंदर पहुँच जाते हैं।
आयोग का कहना है कि भले ही सभी को दर्शन कराने की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन श्रद्धालुओं के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उनका सुझाव है कि आयोजकों को भीड़ को बेहतर तरीके से संभालने और शिकायतों का हल निकालने के लिए कदम उठाने चाहिए।
लालबागचा राजा न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे देश और विदेश में रहने वाले गणेश भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। ऐसे में यह ज़रूरी है कि यहाँ आने वाला हर श्रद्धालु, चाहे वह आम इंसान हो या विशेष अतिथि, बिना भेदभाव के गणपति बप्पा के दर्शन कर सके।



