महाराष्ट्र में शहरी परिवहन को नई रफ़्तार देने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर में नई मेट्रो और सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई है, जिससे लाखों यात्रियों को फायदा मिलेगा।
मुंबई में दो नई मेट्रो लाइनें
राज्य मंत्रिमंडल ने मुंबई के लिए दो बड़ी मेट्रो परियोजनाओं को हरी झंडी दी है।
- मेट्रो लाइन-11 (वडाला से गेटवे ऑफ़ इंडिया): यह लाइन लगभग 23,487 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी। इससे साउथ मुंबई तक सीधी और तेज़ कनेक्टिविटी मिलेगी।
- ठाणे में 29 किलोमीटर की सर्कुलर मेट्रो लाइन: इस रिंग-लाइन से ठाणे के अंदर ट्रैफिक कम होगा और लोकल ट्रेन पर दबाव घटेगा।
पुणे और ठाणे के लिए नई सड़क परियोजनाएँ
- पुणे-लोणावला उपनगरीय रेल विस्तार: इससे पुणे और लोणावला के बीच रोज़ाना यात्रा करने वाले हज़ारों लोगों को फायदा होगा। लोकल सेवाएँ बढ़ाई जाएँगी और यात्रा का समय घटेगा।
- ठाणे से नवी मुंबई तक 25 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड: इस सड़क से ठाणे और नवी मुंबई के बीच सफ़र आसान और तेज़ हो जाएगा।
नागपुर में भी अपग्रेड
नागपुर में मेट्रो नेटवर्क को और मज़बूत बनाने की योजना है। साथ ही शहर में सार्वजनिक परिवहन के लिए नई बस सेवाएँ और आधुनिक टर्मिनल बनाने पर भी काम होगा।
क्यों ज़रूरी हैं ये प्रोजेक्ट?
- मुंबई और ठाणे में हर दिन लाखों लोग लोकल ट्रेनों और बसों से सफ़र करते हैं। नई मेट्रो लाइनों से इन पर दबाव कम होगा।
- पुणे और लोणावला के बीच रोज़ाना हज़ारों छात्र और कर्मचारी यात्रा करते हैं, उनके लिए लोकल विस्तार बड़ी राहत है।
- नागपुर और अन्य शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश और रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे।
भविष्य की तस्वीर
इन सभी प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन का चेहरा बदल जाएगा। मेट्रो, उपनगरीय रेल और एलिवेटेड रोड से यात्रा का समय बचेगा, ट्रैफिक जाम कम होंगे और प्रदूषण पर भी काबू पाया जा सकेगा।



