जैसे-जैसे बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 नज़दीक आ रहे हैं, मालाड-मालवणी के वार्ड 48 में सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है। आज मालवणी की जनता सिर्फ खोखले नारों से संतुष्ट नहीं है; उसे तलाश है एक ऐसे लीडर की जो शिक्षित हो, साफ़ छवि वाला हो और जिसका मक़सद सिर्फ और सिर्फ जनसेवा हो।
इसी तलाश के बीच, कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार रफ़ीक़ इलियास शेख एक मज़बूत और भरोसेमंद चेहरे के तौर पर उभरे हैं।
मालवणी का बेटा, कोई बाहरी नहीं
विरोधियों द्वारा “आउटसाइडर” कहे जाने वाले आरोपों का रफ़ीक़ शेख ने बड़ी सादगी और मज़बूती से जवाब दिया है। वे साल 2000 से मालवणी के निवासी हैं। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनका पता मालवणी म्हाडा, अपना घर सोसाइटी है।
“सन 2000 से मैं मालवणी में रहता हूँ। मेरा दिल और जान मालवणी से जुड़ा हुआ है।”
— रफ़ीक़ इलियास शेख
उनके लिए मालवणी महज़ एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि उनका घर है, जहाँ उनका परिवार और यादें बसी हैं।
निगेटिव नहीं, डेवलपमेंट की राजनीति
रफ़ीक़ शेख का मानना है कि विपक्ष के पास उनके खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए बेबुनियाद बातें फैलाई जा रही हैं। वे कहते हैं, “मैं डेवलपमेंट की राजनीति करने आया हूँ। मेरे खिलाफ कोई इल्ज़ाम नहीं है।”
उनका विज़न साफ़ है—मालवणी को एक ऐसे नौजवान लीडर की ज़रूरत है जो बीएमसी के सिस्टम, काग़ज़ी कार्रवाई और सरकारी योजनाओं को गहराई से समझता हो। अपने प्रोफेशनल और कॉर्पोरेट बैकग्राउंड की वजह से वे प्रशासनिक काम-काज में माहिर हैं।
मालवणी की तरक़्क़ी का ‘रोडमैप’
रफ़ीक़ शेख ने वार्ड 48 की समस्याओं को हल करने के लिए एक मुकम्मल योजना तैयार की है:
- 24×7 खिदमत: जनता की शिकायतों के लिए उनकी टीम हमेशा हाज़िर रहेगी।
- डॉक्यूमेंट कैंप: आधार कार्ड, पैन कार्ड और राशन कार्ड में सुधार के लिए लगातार कैंप लगाए जाएंगे।
- बुनियादी ज़रूरतें: अंदरूनी सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम और साफ़-सुथरे शौचालयों पर ख़ास तवज्जो।
- तालीम (Education): ग़रीबी की वजह से बच्चों की पढ़ाई न छूटे, इसके लिए मदद और मालवणी में एक ‘गर्ल्स कॉलेज’ लाने की कोशिश।
- सेहत: सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएँ और बेहतर मैटरनिटी होम का इंतज़ाम।
जनता का जोश और ‘असलम शेख’ का विज़न
हाल ही में वार्ड 48 में हुई ऐतिहासिक रैली ने यह साफ़ कर दिया है कि मालवणी का मिज़ाज क्या है। बुज़ुर्गों से लेकर नौजवानों तक, हर कोई एक ही नारा लगा रहा है: “कांग्रेस की जीत तय है।”
रफ़ीक़ शेख, विधायक असलम शेख साहब को अपना आदर्श मानते हैं। उनका कहना है कि असलम साहब ने जिस तरह मालवणी का कायाकल्प किया है, वही उनकी प्रेरणा है।
साफ़ छवि, बेदाग रिकॉर्ड
आज के दौर में जहाँ उम्मीदवार के बैकग्राउंड पर सवाल उठते हैं, रफ़ीक़ शेख एक मिसाल हैं:
- कोई आपराधिक मामला (Criminal Case) नहीं।
- उच्च शिक्षित और प्रोफेशनल बैकग्राउंड।
- सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे।
खामोश समाज सेवा की विरासत से मिली प्रेरणा
रफ़ीक़ इलियास शेख का जनसेवा के प्रति जज़्बा कोई इत्तेफाक नहीं है—यह उनके परिवार की पुरानी रिवायत और इंसानियत की सेवा की गहरी जड़ों से जुड़ा है। वे जनाब सलीम शेख साहब के भतीजे हैं, जो मालवणी और आस-पास के इलाकों में एक बेहद सम्मानित समाजसेवी और बेहतरीन इंसान के तौर पर जाने जाते हैं। सलीम शेख साहब ने हमेशा शोहरत की परवाह किए बिना निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद की है।
सलीम शेख साहब ने बरसों तक दबे-कुचले तबकों और गरीब परिवारों का साथ दिया है। चाहे वह आर्थिक मदद हो, बच्चों की पढ़ाई का सहारा हो या मुश्किल वक्त में किसी का हाथ थामना—उन्होंने कभी अपनी नेकियों का ढिंढोरा नहीं पीटा।
उनका फलसफा हमेशा से सीधा रहा है— “नुमाइश से पहले खिदमत”।
अपने चाचा के इसी समर्पण को देख कर रफ़ीक़ शेख बड़े हुए हैं और यहीं से उन्हें समाज सेवा की असली प्रेरणा मिली। विनम्रता, हमदर्दी और समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी के इन्हीं मूल्यों ने रफ़ीक़ के नेतृत्व (leadership) को आकार दिया है। उनके लिए राजनीति कोई सत्ता का खेल नहीं, बल्कि उसी “खामोश खिदमत” का हिस्सा है जिसे उनका परिवार दशकों से निभाता आ रहा है।
सलीम शेख साहब के इसी अटूट सामाजिक जुड़ाव और परिवार के नेक कामों को देखते हुए, विधायक असलम शेख साहब ने रफ़ीक़ इलियास शेख और उनके परिवार को बीएमसी के जरिए एक बड़े और व्यवस्थित प्लेटफॉर्म पर समाज की सेवा करने का मौका दिया है।
विधायक असलम शेख साहब ने खुले तौर पर भरोसा जताया है कि रफ़ीक़ शेख की तालीम, उनकी साफ़-सुथरी छवि और सेवा-भाव वाला पालन-पोषण उन्हें वार्ड 48 के प्रतिनिधित्व के लिए सबसे बेहतर उम्मीदवार बनाता है। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे रफ़ीक़ इलियास शेख को भारी मतों से विजयी बनाएं, ताकि विकास और जन-केंद्रित शासन को और मजबूती मिल सके।
पब्लिसिटी पर नहीं, उसूलों पर टिका भरोसा
सिराज शेख के पुराने नागरिक अनुभवों से लेकर, सलीम शेख की खामोश समाज सेवा और अब रफ़ीक़ इलियास शेख के रूप में एक युवा और शिक्षित नेतृत्व का आना—यह सफर मूल्यों, सेवा और जवाबदेही की मिसाल है।
वार्ड 48 आज एक ऐसे नेतृत्व का उदय देख रहा है जो करुणा, ईमानदारी और अनुभव से बना है—बिना किसी शोर-शराबे के, बिना किसी नकारात्मकता के और बिना किसी समझौते के।
रफ़ीक़ इलियास शेख — सेवा से प्रेरित, अनुभव से निर्देशित और मालवणी के भविष्य के लिए समर्पित।
बीएमसी चुनाव 2026 | शिक्षित और ईमानदार नेतृत्व को अपना वोट दें।
Report By : Riyaz Ahmed, Editor in Chief – Hamara Mumbai News



