मुंबई के मालाड वेस्ट और खासतौर पर मालवनी इलाके में आजकल एक नाम तेजी से चर्चा में है — हैदर असलम शेख। कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैदर शेख एक युवा, मेहनती और ज़मीन से जुड़े नेता के तौर पर सामने आ रहे हैं। वह बीएमसी चुनाव 2026 में वार्ड नंबर 34 से चुनाव लड़ रहे हैं और पूरे जोश के साथ जनता के बीच मौजूद हैं।
हैदर शेख, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मालाड वेस्ट के विधायक असलम शेख के बेटे हैं। लेकिन लोग उन्हें सिर्फ “नेता का बेटा” नहीं, बल्कि एक ऐसा नौजवान मानते हैं जो पिछले कई सालों से हर गली, हर मोहल्ले में दिखाई देता है। पिछले करीब छह सालों से वह मालवनी की जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहे हैं। कहीं पानी की समस्या हो, कहीं सड़क की, कहीं स्कूल या अस्पताल का मामला — हैदर शेख हमेशा मौके पर नज़र आते हैं।
विकास की राजनीति, नफरत की नहीं

हैदर शेख साफ कहते हैं कि उनकी राजनीति डेवलपमेंट की राजनीति है। वह धर्म और नफरत की बातों से दूर रहकर सिर्फ काम की बात करना चाहते हैं। उनका मानना है कि मालवनी हिंदू-मुस्लिम से ऊपर उठकर अमन, भाईचारे और तरक्की का इलाका है।
हैदर शेख का विज़न
अगर वह चुनकर आते हैं, तो उनका एक साफ ब्लूप्रिंट है:
- एसी लाइब्रेरी: मालवनी में पहली बार आधुनिक एसी लाइब्रेरी, ताकि बच्चे सुकून से पढ़ाई कर सकें और IAS, IPS जैसे सपने पूरे करें।
- वुमन एम्पावरमेंट: महिलाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट कोर्स, ताकि वे सर्टिफिकेट लेकर घर से ही अपना रोज़गार चला सकें।
- स्ट्रीट लाइट और CCTV: पूरे वार्ड में स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे, ताकि महिलाएं और बच्चियां खुद को महफूज़ महसूस करें।
- ट्रैफिक समाधान: नए ब्रिज और रोड कनेक्टिविटी के ज़रिए ट्रैफिक की समस्या को कम करना।
- SRA और रिडेवलपमेंट: साफ एलान — “घर के बदले घर मिलेगा, तभी प्रोजेक्ट होगा”। किसी को बेघर नहीं होने दिया जाएगा।
जनता का प्यार और दुआएं

कैंपेनिंग के दौरान बुज़ुर्ग महिलाएं, नौजवान, बच्चे — सभी हैदर शेख को दुआएं देते नज़र आते हैं। लोग कहते हैं कि “आपको आने की ज़रूरत नहीं, आप जीत चुके हो।” यह मोहब्बत यूं ही नहीं मिली, बल्कि सालों की मेहनत और काम का नतीजा है।
एक नई उम्मीद
मालवनी में हैदर शेख को लोग एक नई सोच, नई राजनीति और नए दौर की शुरुआत मान रहे हैं। उनका कहना है कि मुंबई को ज़्यादा से ज़्यादा ऐसे ही नौजवान नेताओं की ज़रूरत है, जो दिन-रात जनता के लिए काम करें।
आख़िर में हैदर शेख बस यही कहते हैं:
“मैं वादा नहीं, काम की राजनीति करता हूं। जैसे मेरे दादा, मेरे वालिद और मेरे परिवार ने काम किया, उससे दस गुना बेहतर करने की कोशिश करूंगा। इंशाअल्लाह, मालवनी को मुंबई का नंबर वन वार्ड बनाएंगे।”
मालवनी आज एक बार फिर उम्मीद के साथ एक नौजवान को देख रही है —
हाथ में पंजा, दिल में खिदमत और ज़ुबान पर सिर्फ डेवलपमेंट।
Report By : Riyaz Ahmed, Editor in chief – Hamara Mumbai News



